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हर 6 महीने में पूरी दुनिया को बार-बार वैक्सीन नहीं लगा सकते यह कहना है वैक्सीन बनाने वाले प्रोफेसर का

ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका कोविड -19 वैक्सीन बनाने वाली टीम के मेंबर प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने कहा है कि हम 6 महीने में पूरी दुनिया को बार-बार वैक्सीन नहीं लगा सकते हैं। पोलार्ड ने ‘द टेलीग्राफ’ से कहा- हम हर 6 महीने में पूरी दुनिया का टीकाकरण नहीं कर सकते हैं। यह उपाय टिकाऊ नहीं है। हमारा टारगेट 12 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन देने की जगह, लो इम्यूनिटी वालों को वैक्सीन देना होना चाहिए।बूस्टर डोज को लेकर पोलार्ड ने कहा- बूस्टर डोज कब और किन लोगों को लगानी चाहिए, इसका पता लगाने के लिए और ज्यादा डेटा की जरूरत है। उन्होंने दुनिया भर में चलाए जा रहे बूस्टर डोज प्रोग्राम की सफलता पर शक जताया है।

चीन ने 12 लाख की आबादी वाले शहर में फुल लॉकडाउन लगाया, लोगों को घर से निकलने की इजाजत नहीं
चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अलग-अलग शहरों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है। अब मध्य चीन में 11.7 लाख की आबादी वाले यूझोऊ में लोगों को घरों में कैद कर दिया गया है। यहां हाल ही में तीन संक्रमित मिले हैं। हेनान प्रांत के इस शहर में बस और टैक्सी सर्विस पहले ही रोक दी गई है। शॉपिंग मॉल, म्यूजियम और टूरिस्ट अट्रैक्शन को भी बंद कर दिया गया है।

चीन में पहली बार कोरोना वायरस मिलने के बाद से ही जीरो कोविड अप्रोच का पालन किया जा रहा है।
                चीन में पहली बार कोरोना वायरस मिलने के बाद से ही जीरो कोविड अप्रोच का पालन किया जा रहा है।

चीन में जीरो कोविड अप्रोच का पालन हो रहा
चीन के कोरोना आंकड़ों पर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, जो हैं अगर उन्हें सही मानें तो यहां पिछले साल 10 अगस्त को 143 केस आए थे। इसके बाद 17 दिसंबर तक कोई नया केस नहीं आया। 18 दिसंबर को 125 संक्रमित मिले। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच यहां 200 से 209 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

1 जनवरी को यह आंकड़ा 231 पर पहुंच गया। यह 17 अप्रैल 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। तब देश में 325 संक्रमित मिले थे। चीन में पहली बार कोरोना वायरस मिलने के बाद से ही जीरो कोविड अप्रोच का पालन किया जा रहा है। चीन ने बॉर्डर सील कर रखे हैं और देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन लगा रखा है। 1.3 करोड़ आबादी वाले शांक्सी शहर में करीब दो हफ्ते से लॉकडाउन लगा हुआ है।

अमेरिका में एक दिन में 10 लाख से ज्यादा केस, पिछली लहर के मुकाबले तीन गुना ज्यादा
ओमिक्रॉन के खतरनाक संक्रमण का असर अमेरिका में दिख रहा है। यहां कोरोना की अब तक की सभी लहरों के मुकाबले इस लहर में एक दिन में तीन गुना ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे हैं। अकेले सोमवार को अमेरिका में 10 लाख कोरोना केस सामने आए।

सोमवार शाम 7.30 बजे जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने डेटा जारी किया, जिसके मुताबिक रविवार के मुकाबले सोमवार को 10.42 लाख ज्यादा केस रजिस्टर हुए। उस समय तक यह भी साफ नहीं था कि इस आंकड़े में सभी अमेरिकी राज्यों के केस शामिल हैं।

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मंगलवार को राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस व्हाइट हाउस कोरोनावायरस रिस्पॉन्स टीम से मिलकर आगे की रणनीति तय करने वाले हैं। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सोमवार को फाइजर बायोएनटेक की कोरोना बूस्टर डोज को 12 से 15 साल के बच्चों को देने का ऐलान किया है।

ऑस्ट्रेलिया में तेजी से बढ़े कोरोना केस; हॉस्पिटलाइजेशन का नया रिकॉर्ड बना
ऑस्ट्रेलिया में मंगलवार को कोरोना के रिकॉर्ड नए मामले दर्ज किए गए हैं। यहां के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य न्यू साउथ वेल्स में 23,131 नए मामले मिले। वहीं, नए साल के दिन 22,577 मामले दर्ज किए गए थे। यहां के अस्पतालों में 1,344 पेशेंट्स भर्ती हैं। जो सोमवार के मुकाबले 140 ज्यादा हैं। यहां पॉजिटिविटी रेट 28% है।

फिजी में ओमिक्रॉन के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की पुष्टि हुई
फिजी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की कि देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है। फिजी के स्वास्थ्य सचिव जेम्स फॉन्ग ने कहा कि पॉजिटिव सैंप्लस को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया था, जहां पर इनमें ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वैरिएंट होने की पुष्टि हुई है।

मंत्रालय ने अपने हालिया अपडेट में कोरोना के 580 नए केस और 2 मौतें रिपोर्ट की हैं। फॉन्ग ने कहा कि फिजी में 92% युवा पूरी तरह वैक्सीनेटेड हैं, जबकि 97.8% लोगों को कम से कम एक वैक्सीन डोज लग चुका है। इससे उम्मीद है कि इस बीमारी से लोगों की रक्षा होगी।

इजराइल में हर हफ्ते 50 हजार केस आने की आशंका, हेल्थ मिनिस्टर बोले- सावधानी ही बचने का तरीका
इजराइल में हर हफ्ते 50 हजार से ज्यादा केस आ सकते हैं। यह जानकारी वहां के हेल्थ डिपार्टमेंट ने दी है। प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने भी इसकी पुष्टि है। देश में फैल रहे डर के बीच हेल्थ मिनिस्टर निटजेन होरोविट्ज सोमवार रात खुद मीडिया के सामने आए। कहा- हम जानते हैं कि हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है। हम पहले की तरह सावधानी रखें तो यह लहर भी निकल जाएगी। इजराइल ने हमेशा मुश्किलों का सामना हिम्मत से किया है।

उन्होंने कहा- हालात बिल्कुल काबू में हैं। कुछ जगह टेस्टिंग को लेकर परेशानियां आई हैं। ये जल्द ही ठीक हो जाएगा। मैंने संसद में भी कहा है कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। सोमवार को इजराइल में 6 हजार से ज्यादा मामले सामने आए।