सीबीआई का हवाला देकर वसूले महिला साथी के साथ वेब पोर्टल पत्रकार गिरफ्तार

मुंगेली जिला में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पत्रकार बताकर एक रेंजर को ब्लैकमेल किया और 1 करोड़ 40 लाख रुपए वसूले। पत्रकार बनकर उन्होंने रेंजर से कहा कि अगर पैसे नहीं दिए, तो सीबीआई की रेड पड़ सकती है। रेंजर ने शुरू में पैसे दिए, लेकिन लगातार मांग बढ़ते जाने के कारण फिर रिपोर्ट लिखाई।इसके बाद तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा फरार है। इनमें एक महिला है।
मुंगेली : यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला मामला है।घटना सिटी कोतवाली मुंगेली की है। 3 जनवरी को मुंगेली के रेंजर सीआर नेताम ने परमवीर व अन्य रिपोर्टर बनकर एवं सीबीआई जांच का हवाला देकर लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपए की अवैध वसूली एवं रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी देने के संबंध में शिकायत की थी।इस मामले में आरोपी परमवीर मरहास पिता स्व. प्यारा सिंह उम्र 40 वर्ष निवासी मिनोचा काॅलोनी बिलासपुर एवं वर्षा तिवारी पिता विपिन तिवारी उम्र 30 वर्ष निवासी नेचर सिटी बिलासपुर को हिरासत में लिया गया है।पुलिस के मुताबिक मई 2019 में आरोपी सरताज ने बताया कि रतनपुर के फारेस्ट रेंजर सीआर नेताम भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिसे डराएंगे-धमकायेंगे तो काफी लंबी रकम मिलेगी। सरताज की बातों में आकर योजना बनाई। फारेस्ट आफिस रतनपुर जाकर रेंजर सीआर नेताम को कहा कि आपके विरुद्ध भ्रष्टाचार का गंभीर शिकायत सीबीआई के पास हुई है। इसकी जांच सीबीआई चीफ द्वारा की जा रही है।इस पर नेताम ने भ्रष्टाचार करने से इंकार किया। लेकिन पत्रकारों ने उसे सीबीआई द्वारा अंडमान निकोबार जेल भेजने और पूरे परिवार सहित बर्बाद करने की धमकी दी। इसके बाद रेंजर नेताम रकम देने को राजी हो गए।
वसूले रुपयों से ख़रीदा विलासता का सामान

किश्तों में कुल 1 करोड 40 लाख रुपए नेताम ने दिए।इस पैसे से बुलेट, स्विफ्ट कार, सफारी कार, एक्टिवा तथा सोने की जेवर इत्यादि खरीदे। पकड़े गए दो आरोपी से नगदी 8 लाख 15 हजार रुपए और वाहन व सोने का चैन कुल कीमत 25 लाख 50 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। प्रकरण के एक आरोपी ईरानी मोहल्ला सरकंडा बिलासपुर निवासी सरताज फरार है।
पुश्तैनी मकान बेचने लगे तब बच्चों को पता चला मामला
एसपी अरविंद कुजूर ने बताया कि नेताम ने घटना का जिक्र किसी से नहीं किया। केवल अपनी पत्नी को बताया और बचाव के लिए राशि देते-देते उनकी सारी संपत्ति खत्म हो गई। उन्होंने लोगों से उधारी ली, जेवर गिरवी रखे। अब उनके पास देने के लिए कुछ बाकी नहीं रहा।अंतिम किश्त मांगने पर अपना पुश्तैनी मकान बेचने का सौदा किया, तब जाकर उनके बच्चों को इसकी जानकारी हुई और उनके बच्चों ने मकान बेचने से इंकार कर मकान बेचने का कारण जानना चाहा। तब घटना खुलकर सामने आयी और नेताम ने मुंगेली सिटी कोतवाली को इसकी जानकारी दी।