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वफादार चिड़िया रामी जो रोज नियम से आती है ,स्कुल करती है सभी नियमों का पालन

एक चिड़िया जो रोज नहाकर स्कुल आकर पढाई व मध्यान्न भोजन में होती है शामिल ,स्कूल में 9 साल से पढ़ाई कर रही एक चिड़िया: टीचर बोले- 32वीं स्टूडेंट है ‘रामी’

कोंडागांव |छत्तीसगढ़ के कोंडागांव स्थित मारीगुड़ा प्राथमिक शाला। आपको यह पढ़ने और सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन सच है। पिछले 9 साल से एक चिड़िया यहां पढ़ाई कर रही है। वह रोज सुबह आती है। स्कूल में लगे हैंडपंप के नीचे नहाने के बाद प्रार्थना में शामिल होती है। फिर बच्चों के साथ क्लास में बैठकर पढ़ाई करती है। खास बात यह है कि इतने सालों में एक दिन भी यह सिलसिला नहीं टूटा। टीचर अब उसे स्कूल का ही एक स्टूडेंट मानते हैं और प्यार से ‘रामी’ बुलाते हैं।

दरअसल, इस चिड़िया को आमजन मैना के नाम से जानते हैं। मारीगुड़ा प्राथमिक शाला में रामी सभी बच्चों और टीचरों के आने से पहले ही पहुंच जाती है। इसके बाद हैंडपंप के पास जमीन में पड़े पानी में नहाती है। फिर स्कूल कैंपस में लगे तिरंगे के नीचे बैठती है और बच्चों के साथ प्रार्थना में शामिल होती है। उनके साथ ही क्लास में जाती है। जब टीचर पढ़ाने आते हैं तो टेबल पर बैठ जाती है। छुट्‌टी होने पर जब बच्चे चले जाते हैं तो चिड़िया भी जंगल में उड़ जाती है।

 
                                 चिड़िया रामी को भी मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील दिया जाने लगा है।
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इंटरवल के दौरान बच्चों के साथ बैठकर मिड डे मील खाती
स्कूल में पढ़ाई के दौरान होने वाले इंटरवल में अब चिड़िया रामी को भी मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील दिया जाने लगा है। वह भी बच्चों के साथ भोजन करती है। शिक्षक कहते हैं कि हम उसे भी अब स्कूल की छात्रा मानने लगे हैं। इन 9 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ, जब रामी एक भी दिन स्कूल न आई हो। स्कूल में 31 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन अब हम रामी को 32वीं स्टूडेंट मानते हैं।

जब टीचर पढ़ाने आते हैं तो टेबल पर बैठ जाती है। छुट्‌टी होने पर जब बच्चे चले जाते हैं तो चिड़िया भी जंगल में उड़ जाती है।
जब टीचर पढ़ाने आते हैं तो टेबल पर बैठ जाती है। छुट्‌टी होने पर जब बच्चे चले जाते हैं तो चिड़िया भी जंगल में उड़ जाती है।

टीचर बोले- ऐसा कभी नहीं हुआ कि हमारे आने के बाद चिड़िया आए
स्कूल के प्रधान पाठक नीलकंठ साहू और सहायक अध्यापक श्रवण मानिकपुरी कहते हैं कि पिछले 9 सालों से हम यहां पदस्थ हैं। इतने सालों में कभी ऐसा नहीं हुआ कि ये चिड़िया स्कूल नहीं आई। हमारे आने से पहले चिड़िया स्कूल में होती है। जब छुट्‌टी का दिन होता है तो चिड़िया स्कूल नहीं आती है। अब वो स्कूल का हिस्सा है। बच्चे भी उसके साथ काफी खुश रहते हैं। लोग भी इस मैना को दूर-दूर से देखने के लिए अब आने लगे हैं।

हैंडपंप के पास पड़े पानी में नहाती है। फिर स्कूल कैंपस में लगे तिरंगे के नीचे बैठती है।
                           हैंडपंप के पास पड़े पानी में नहाती है। फिर स्कूल कैंपस में लगे तिरंगे के नीचे बैठती है।