रायपुर. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को दो स्थानों से 4 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से एक की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम था. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि इनमें से तीन को कुआकोंडा थानांतर्गत एटेपल और जियाकोदटा गांवों के बीच एक जंगल से पकड़ा गया जबकि एक माओवादी कमांडर को आरणपुर थाना इलाके के मेडप गांव के निकट गिरफ्तार किया गया.दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने कहा कि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और जिला बल की अलग-अलग टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि कुआकोंडा अभियान में गिरफ्तार किये गए नक्सलियों की पहचान बामन सोढी (22), हिडमा सोढी (22) और हिडमा माडवी (20) के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि आरणपुर में माओवादी मिलिशिया कमांडर पदम माडा (27) को गिरफ्तार किया गया. उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम था.


तीन लाख रुपये का इनाम था
वहीं, बीते दिनों खबर सामने आई थी कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक पल्लवा ने कहा था कि नक्सलियों ने शनिवार शाम को पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. इनमें एक महिला भी शामिल है. अधिकारी ने बताया कि विद्रोही पुलिस के पुनर्वास अभियान ‘लोन वर्राटू’ से प्रभावित हुए हैं और माओवादियों की ’खोखली’ विचारधारा से निराश हो गए हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में सुरेश कादती (35) भी शामिल है. वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल था. वह 2007 में बिजापुर में रानीबोदली पुलिस चौकी पर हमले के मामले में वांछित था, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गये थे. इसके अलावा वह 2006 में मुरकिनार में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के शिविर पर किए गए हमले के सिलसिले में और 2008 में मोडकपाल में घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में भी वांछित था. उन्होंने बताया कि कादती के सिर पर तीन लाख रुपये का इनाम था.