
भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका भोपाल कोर्ट से ख़ारिज हो गई है। इस मामले में कल सुनवाई होनी थी, लेकिन वकील के विशेष अनुरोध पर जज ने आज ही सुनवाई कर दी। सौरव शर्मा केवकील ने अदालत में दलील दी थी कि आरोपी लोक सेवक नहीं है, इसलिए उसे अग्रिम ज़मानत का लाभ दिया जाए। न्यायाधीश ने अपने आदेश में उसे लोक सेवक मानते हुए एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लोकायुक्त की कार्रवाई को गलत बताया है। एडवोकेट राकेश पाराशर के मुताबिक, सौरभ लोकसेवक नहीं है। इसके बाद भी लोकायुक्त ने उसके घर छापा मारा। यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। जिस कार में सोना मिला, वो उसके नाम नहीं है। इस सोने से भी उसका कोई लेना-देना नहीं है।
