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शिकारियों ने पानी में जहर डालकर 6 काले हिरणों का शिकार

 सींग और अंग काटकर ले गए मरे हुए जानवरों के

हरदा। एमपी के हरदा जिले के ग्राम नीमसराय में शनिवार को 6 दुर्लभ काले हिरणों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। वन विभाग के आला अधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंचा तो उनके होश उड़ गए. शव देखने के बाद अधिकारियों ने आशंका जताई कि उन्हें पानी में जहर देकर मारा गया। शिकारी एक हिरण के सींग और अन्य अंग भी काटकर ले गए हैं। वन विभाग ने बताया कि मृत पाए गए काले हिरणों में तीन नर और तीन मादा हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस घटना की जांच के लिए विभाग डॉग स्कवॉड को लेकर इलाके की खोजबीन कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, शवों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चलेगा। जिले के खिरकिया ब्लॉक के गांव नीमसराय के किसान ओमप्रकाश विश्नोई ने सबसे पहले एक काले हिरण का शव देखा। ये शव उसके खेत में पड़ा था. ओमप्रकाश ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही आनन-फानन में वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा।

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वन अमले ने जांच के दौरान आसपास के खेतों में अलग-अलग जगह हिरणों के शव देखे। उस दौरान दो हिरणों में जान बाकी थी. लेकिन, कुछ ही देर में दोनों ने दम तोड़ दिया। बता दें, वन विभाग के अलावा पशुपालन विभाग के डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने हिरणों के शवों का परीक्षण किया और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए ले गए। इस बीच नर्मदापुरम संभाग से शनिवार देर शाम वन विभाग का डॉग स्कवॉड भी नीमसराय गांव पंहुचा और खोजबीन शुरू की।

ग्रामीणों ने की जांच की मांग

दूसरी ओर, काले हिरणों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने वहां आक्रोश दिखाया और कहा कि वन विभाग इस तरह के शिकार पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता. किसान ओमप्रकाश ने कहा कि सबसे पहले उन्होंने हिरण के शव को देखा था। 2020 में भी उनके खेत में हिरण का शिकार हो रहा था. उस वक्त शिकारी ने बंदूक से हिरण का शिकार किया था। उसे ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ लिया था। हिरणों का संरक्षण करने वाले अवध विश्नोई ने कहा कि उनके समाज में हिरण को पूजनीय माना गया है। इसलिए विश्नोई समाज इस पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग करता है और दोषियों को सख्त सजा की मांग करता है।